Santosh Kumar | January 22, 2026 | 01:43 PM IST | 1 min read
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के अनुसार, कुल मिलाकर, पेपर बैलेंस्ड रहा और डिफिकल्टी लेवल पिछले साल के पेपर जैसा ही रहा।
Use the JEE Main 2026 Rank Predictor to estimate your expected rank based on your scores or percentile and plan your college options smartly.
Try Now
नई दिल्ली: जेईई मेन 2026 जनवरी 22 दूसरे दिन की परीक्षा की पहली शिफ्ट (सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक) समाप्त हो गई है। एक्सपर्ट्स और स्टूडेंट्स के फीडबैक के अनुसार, पेपर का ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल मीडियम से मुश्किल रहा। जेईई मेन 2026 जनवरी 22 शिफ्ट 1 का पेपर जनवरी 2025 की शिफ्ट्स की तुलना में लगभग उसी डिफिकल्टी लेवल का रहा। तीनों सेक्शन में, फिजिक्स सबसे आसान था, उसके बाद केमिस्ट्री, जबकि मैथमेटिक्स थोड़ा अधिक मुश्किल रहा।
New: JEE Main 2026 Answer Key Out; Download Now
JEE Main 2026 Tools: Rank Predictor | College Predictor
JEE Main 2026: Session 2 Registration Link | Session 1 Official QP
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के अजय शर्मा के अनुसार, कुल मिलाकर, पेपर बैलेंस्ड रहा और डिफिकल्टी लेवल पिछले साल के पेपर जैसा ही रहा। टॉपिक्स में सवालों का डिस्ट्रीब्यूशन भी काफी हद तक एक जैसा रहा।
कैंडिडेट्स को मैथ्स सेक्शन लंबा लगा, लेकिन यह 21 जनवरी को हुए एग्जाम से आसान था। हालांकि, कुल मिलाकर, डे 2 का शिफ्ट 1 का पेपर पहले दिन के पेपर से अधिक मुश्किल रहा। औसतन, छात्रों ने शिफ्ट 1 में कम सवालों के जवाब दिए।
Also readJEE Main 2026 LIVE: जेईई मेन जनवरी 22 शिफ्ट 1 क्वेश्चन पेपर, एनालिसिस जारी, आंसर की जानें
फिजिक्स सेक्शन में मैकेनिक्स से तुलनात्मक रूप से कम सवाल थे। वेव्स और थर्मोडायनामिक्स जैसे चैप्टर मौजूद थे। इसमें ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म और मॉडर्न फिजिक्स से अच्छे खासे सवाल थे। वेव्स और ईएमआई से भी कुछ सवाल पूछे गए।
केमिस्ट्री सेक्शन मीडियम से मुश्किल रहा। ऑर्गेनिक, इनऑर्गेनिक और फिजिकल केमिस्ट्री से सवाल पूछे गए। इनऑगैनिक केमिस्ट्री की मौजूदगी थी, जिसमें पी-ब्लॉक से कई सवाल थे। इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री, इक्विलिब्रियम और थर्मोडायनामिक्स से सवाल थे।
गणित मीडियम से मुश्किल लेवल का रहा। कैलकुलस, कोनिक सेक्शन और अलजेब्रा के टॉपिक आधिक थे, जबकि 3डी, वेक्टर्स और कॉम्प्लेक्स नंबर तुलनात्मक रूप से कम थे। अलजेब्रा थोड़ा हावी था। कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री का वेटेज मीडियम था।
कुल मिलाकर, पेपर बैलेंस्ड था, लेकिन मैथ्स सेक्शन स्टूडेंट्स के लिए सबसे मुश्किल साबित हुआ। कई स्टूडेंट्स ने बताया कि टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी था, खासकर मैथ्स के सवालों में लंबी कैलकुलेशन की वजह से।
Santosh Kumar