Press Trust of India | May 22, 2026 | 11:25 AM IST | 2 mins read
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति ने शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनटीए प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी और इसके महानिदेशक अभिषेक सिंह सहित शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया।
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नई दिल्ली: संसद की एक समिति के कई सदस्यों ने नीट-यूजी के पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से तीखे सवाल किए, जिस पर एनटीए की तरफ से बताया गया कि यह उसके तंत्र के माध्यम से नहीं हुआ तथा इस प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है। सूत्रों ने बताया कि शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक के दौरान कई सांसदों ने पेपर लीक को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की खातिर एजेंसी द्वारा उठाए गए कदमों पर एनटीए अधिकारियों से सवाल किए।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति ने शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनटीए प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी और इसके महानिदेशक अभिषेक सिंह सहित शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया था।
यहां एनटीए सुधारों से संबंधित राधाकृष्णन रिपोर्ट की सिफारिशों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। सूत्रों के अनुसार, जब सवाल किया गया कि पेपर कैसे लीक हुआ, तो एनटीए महानिदेशक ने बताया कि पेपर उनके सिस्टम से लीक नहीं हुआ।
इस पर कई सांसदों ने पूछा कि फिर पेपर कैसे लीक हो गया और परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की क्या जरूरत थी। एनटीए अधिकारी के पास इसका कोई जवाब नहीं था और उन्होंने कहा कि सीबीआई इसकी जांच कर रही है।
समिति के विपक्षी सदस्यों ने मांग उठाई कि सीबीआई जांच रिपोर्ट समिति के सामने पेश की जानी चाहिए, लेकिन कुछ भाजपा सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र संस्था है और उसे अपना काम करने दिया जाना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक सिंह ने एनटीए सुधारों पर राधाकृष्णन रिपोर्ट द्वारा की गई सिफारिशों के कार्यान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुति दी और बताया कि सुझाए गए अल्पकालिक उपायों में से लगभग 70% पहले ही लागू किए जा चुके हैं।
एनटीए ने समिति के सदस्यों को बताया कि परीक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए व्यापक समीक्षा की जा रही है। समिति ने सुझाव दिया कि विश्वसनीय लोगों को प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण प्रणाली में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सीबीटी के माध्यम से परीक्षा कराने पर विचार किया जा रहा है। भविष्य की परीक्षाएं उसी माध्यम से हो सकती हैं। संसदीय समिति के सदस्यों ने एनटीए में कर्मचारियों की कमी और रिक्तियों को भरने की पैरवी की।
उन्होंने कहा कि एनटीए ने समिति के सदस्यों को सूचित किया कि एजेंसी में लगभग 25% कर्मचारियों की कमी है और ऐसी सभी रिक्तियों को भरने के लिए व्यवस्थित रूप से कदम उठाए जा रहे हैं। सदस्यों ने नीट पेपर लीक पर चिंता व्यक्त की।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में पाई गई सभी खामियों को व्यापक रूप से दूर किया जाना चाहिए, ताकि परीक्षा के आयोजन में पूर्ण शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
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