कर्नाटक, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी हजारों टीचिंग पोस्ट वेकेंट हैं। यह समस्या केवला कुछ राज्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी शिक्षा प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती है, जिस पर सरकार को तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
नीट यूजी 2026 की परीक्षा में जिन शिक्षकों को प्रश्नपत्र तैयार करने और मराठी में अनुवाद करने का काम दिया गया था, उनमें रसायन विज्ञान के शिक्षक पी. वी. कुलकर्णी, भौतिकी की शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे और जीव विज्ञान की शिक्षिका मनीषा संजय हवलदार शामिल थीं।
अधिकारियों ने नड्डा को बताया कि नीट-यूजी काउंसलिंग में प्रौद्योगिकी आधारित और छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार किए गए हैं, जिनका मकसद दाखिला प्रक्रिया को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
सरकारी स्कूलों में दाखिला 12.75 करोड़ से घटकर 11.89 करोड़ हो गया, जबकि निजी बिना सरकारी सहायता वाले मान्यता प्राप्त स्कूलों में यह 9 करोड़ से बढ़कर 9.89 करोड़ हो गया।
सीबीएसई के दो शीर्ष अधिकारियों के तबादले की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि इन्हें हटाने का यह कदम लाखों छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति ने शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनटीए प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी और इसके महानिदेशक अभिषेक सिंह सहित शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया।
बिहार में चाक्षुष कला (फाइन आटर्स) की पढ़ाई तो पटना आर्ट कॉलेज में स्नातक स्तर तक की होती है, लेकिन प्रदर्श (मंचीय कला) अशिक्षण के लिए कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं है। ऐसे में कला संस्कृति विभाग ने यह निर्णय ले लिया है।