Press Trust of India | May 19, 2026 | 07:07 PM IST | 1 min read
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि नीट-यूजी पुनर्परीक्षा सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ''सुरक्षित, सुचारू और त्रुटिरहित'' तरीके से आयोजित की जानी चाहिए।
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नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा की तैयारियों की मंगलवार को समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इसके ''सुरक्षित, सुचारू और त्रुटिरहित'' आयोजन का निर्देश दिया। यह जानकारी अधिकरियों ने दी।
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में पाई गई सभी खामियों को व्यापक रूप से दूर किया जाना चाहिए, ताकि परीक्षा के आयोजन में पूर्ण शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, ''केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि नीट-यूजी पुनर्परीक्षा सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ''सुरक्षित, सुचारू और त्रुटिरहित'' तरीके से आयोजित की जानी चाहिए।''
मंत्री ने अधिकारियों को सभी राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षा व्यवस्थाओं की सख्त निगरानी और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता और सुरक्षा से कोई समझौता न करने और छात्रों के लिए परिवहन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी अधिकारियों को निर्देश दिया।
एनटीए ने अनियमितताओं के आरोपों के बीच 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर दी थी। नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। मंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।
राज्यसभा के एक नोटिस में कहा गया है कि शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति 21 मई को कथित पेपर लीक और एनटीए में सुधारों पर शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष नौकरशाहों से बात करेगी।
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