Press Trust of India | May 15, 2026 | 09:57 PM IST | 3 mins read
जगदीश कुमार ने छात्रों के लिए घोषित उपायों का भी स्वागत किया, जिनमें परीक्षा शुल्क की वापसी और परीक्षा के दौरान 15 मिनट अतिरिक्त समय देना शामिल है।
Predict your MBBS, BDS & AYUSH admission chances with the NEET College Predictor. Get personalized college recommendations based on rank, category & quota.
Try Now
नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के पूर्व अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा आगामी वर्षों में नीट को कंप्यूटर आधारित प्रारूप (सीबीटी) में तब्दील करने के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि लाखों अभ्यार्थियों द्वारा दी जाने वाली इस परीक्षा में मौजूदा समय में मुद्रित प्रश्नपत्रों को केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में 'कमजोर कड़िया' हैं, जिससे कदाचार की आशंका बढ़ जाती है। कुमार ने एनटीए की बढ़ती आलोचना और विभिन्न धड़ों द्वारा इसे भंग करने की मांग के बीच कहा कि एजेंसी की आवश्यकता है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में आने वाले वर्षों में अधिक अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है।
चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट यूजी 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। नीट प्रश्नपत्र लीक पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार ने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद अभ्यार्थी स्वाभाविक रूप से तनाव में हैं और निराश हैं।
पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ''जब भी कोई परीक्षा रद्द होती है, तो स्वाभाविक है कि अभ्यर्थी तनावग्रस्त और निराश महसूस करेंगे। इन कठिन समय में, शिक्षकों, अभिभावकों को छात्रों के साथ खड़े रहना चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए।''
जगदीश कुमार ने बताया कि 2017 में एनटीए ने अपनी स्थापना के बाद से, जेईई और सीयूईटी सहित कई परीक्षाएं आयोजित की हैं, जिनमें से अधिकांश सीबीटी मोड में आयोजित की गई हैं। ये परीक्षाएं आमतौर पर सुरक्षित होती हैं।
उन्होंने कहा, ''नीट परीक्षा में देश और विदेश में लगभग 22 लाख छात्र और 54,000 केंद्र शामिल होते हैं। इसमें प्रश्न पत्रों का मुद्रण, परिवहन, भंडारण और केंद्रों पर वितरण की आवश्यकता होती है। आपूर्ति शृंखला में कुछ कमियां हो सकती हैं।''
उन्होंने आगे कहा, ''सीबीआई की जांच जारी है और दोषियों को कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नीट सीबीटी मोड में होने से से स्थानीय स्तर पर समस्या होने पर राष्ट्रव्यापी व्यवधान को रोकने में मदद मिलेगी।
Also readNEET 2026 Re-Exam Live: एनटीए ने नीट यूजी री-एग्जाम डेट किया जारी, अगले साल से ऑनलाइन होगी परीक्षा
उन्होंने कहा, ''यदि किसी विशेष केंद्र पर कोई स्थानीय समस्या होती है, तो वह वहीं तक सीमित रहती है, और आप राष्ट्रव्यापी परीक्षा रद्द करने के बजाय केवल छात्रों के उस समूह के लिए पुनः परीक्षा आयोजित कर सकते हैं।''
जगदीश कुमार ने छात्रों के लिए घोषित उपायों का भी स्वागत किया, जिनमें परीक्षा शुल्क की वापसी और परीक्षा के दौरान 15 मिनट अतिरिक्त समय देना शामिल है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में उम्मीदवारों की संख्या बढ़ेगी।
उन्होंने कहा, ''हमें निश्चित रूप से एनटीए जैसे संगठन की आवश्यकता है, जो सुरक्षित और पेशेवर तरीके से परीक्षाएं आयोजित करता है ताकि महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से हो सके।''
Also readNEET Paper Leak 2026: सीबीआई ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित कोचिंग सेंटर के निदेशक से की पूछताछ
जगदीश कुमार ने 2024 के नीट विवाद के बाद शुरू किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति की कई सिफारिशें पहले ही लागू की जा चुकी हैं।
जेएनयू के पूर्व कुलपति ने कहा, ''यह एक सतत सुधार प्रक्रिया है। साल दर साल, प्रणाली में सुधार होता रहेगा।'' उन्होंने पुन: परीक्षा देने वाले अभ्यार्थियों से ''सकारात्मक रहने, अच्छी तैयारी करने और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने'' की अपील की।
इससे पहले दिन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि नीट की पुन: परीक्षा 21 जून को होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर सुधारों के तहत अगले वर्ष से परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।