JNU: जेएनयू की डिग्रियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी हैं - प्रधान

Press Trust of India | January 13, 2026 | 08:50 AM IST | 1 min read

JNU Convocation 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्नातक राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

जेएनयू दीक्षांत समारोह 2026 में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन भी शामिल हुए। (इमेज-आधिकारिक एक्स/धर्मेंद्र प्रधान)

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का 9वां दीक्षांत समारोह 12 जनवरी, 2026 को आयोजित किया गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जेएनयू से स्नातक की उपाधि हासिल करने वाले छात्रों से कहा कि विश्वविद्यालय की डिग्रियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी हैं।

विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि जेएनयू ने दशकों के निरंतर शैक्षणिक योगदान के माध्यम से अकादमिक उत्कृष्टता की एक मजबूत और विशिष्ट विरासत का निर्माण किया है, जहां आलोचनात्मक सोच इसके लोकाचार का मूल है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री का जेएनयू का दौरा उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ है, जब परिसर के अंदर कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित तौर पर नारेबाजी की थी।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्नातक राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। जेएनयू के 9वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी शामिल हुए।

प्रधान ने कहा, ‘‘जेएनयू की डिग्रियां केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी भी हैं। स्नातक छात्रों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे समावेशिता, सामाजिक न्याय और जिम्मेदारी की जेएनयू की विरासत को कायम रखें और उसे और मजबूत करें, हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज बनें और समाज में असमानताओं को कम करने में सक्रिय रूप से योगदान दें।’’

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