IIT Delhi: आईआईटी दिल्ली ने हेल्थकेयर एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट में एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम किया लॉन्च
Abhay Pratap Singh | January 20, 2026 | 03:50 PM IST | 2 mins read
यह कार्यक्रम इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दिल्ली के सेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग द्वारा संचालित किया जा रहा है।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान, दिल्ली (IIT Delhi) ने हेल्थकेयर एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट में अपने एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम को लॉन्च किया है। यह प्रोग्राम सतत शिक्षा कार्यक्रम (CEP) के माध्यम से पेश किया जाता है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य भविष्य के लिए ऐसे पेशेवरों को तैयार करना है जो भारत के हेल्थकेयर इनोवेशन को आगे बढ़ा सकें।
पात्रता मानदंड -
आवेदकों के पास स्नातक (बैचलर) डिग्री होना अनिवार्य है। पूर्व कार्य अनुभव या परियोजना-आधारित अनुभव होना उपयोगी माना जाएगा। यह कार्यक्रम 5 महीने की अवधि में सप्ताहांत ( weekend) में आयोजित होने वाले लाइव ऑनलाइन सत्रों और डेडिकेटेड प्रोजेक्ट सेशन के माध्यम से संचालित किया जाता है।
कार्यक्रम और आवेदन शुल्क -
आईआईटी दिल्ली के एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम में आगामी बैच के लिए प्रवेश खुले हैं। आवेदन शुल्क के रूप में उम्मीदवारों को 1,000 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, कार्यक्रम शुल्क 1,30,000 रुपये है। आवेदकों को एप्लीकेशन फीस और कार्यक्रम शुल्क के साथ जीएसटी का भुगतान भी करना होगा।
आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, पाँच महीनों की लाइव ऑनलाइन लर्निंग और मार्गदर्शित प्रोजेक्ट वर्क के माध्यम से प्रतिभागी यह समझते हैं कि स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों को किस तरह सुनियोजित डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और प्रभावी व्यावसायिक रणनीति के जरिये बाजार के लिए तैयार अवसरों में बदला जा सकता है।
यह कार्यक्रम आईआईटी दिल्ली के सेंटर फॉर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग द्वारा संचालित किया जा रहा है और एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों के क्लिनिकल अनुभव से इसे और बेहतर बनाया गया है। डॉ. अर्नब चंदा और डॉ. बिश्वरूप मुखर्जी के नेतृत्व में यह कार्यक्रम इंजीनियरिंग, क्लिनिकल, प्रबंधन और उद्यमिता के दृष्टिकोण को एक साथ जोड़ते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक और स्केलेबल हेल्थकेयर समाधान विकसित करने में सक्षम बनाता है।
Indian Institute of Technology Delhi -
आईआईटी दिल्ली ने कहा कि इस प्रोग्राम की एक मुख्य विशेषता इसका प्रोजेक्ट-आधारित तरीका है। प्रतिभागी वास्तविक दुनिया की हेल्थकेयर समस्याओं पर काम करते हैं और स्ट्रक्चर्ड मेंटरिंग, सहकर्मी शिक्षण और एक्सपर्ट फीडबैक की मदद से लागू करने योग्य प्रोटोटाइप विकसित करते हैं।
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