IIM Amritsar EMBA Programme: आईआईएम अमृतसर ने की एग्जिक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम के छठे बैच की शुरुआत
Abhay Pratap Singh | July 28, 2026 | 06:35 PM IST | 2 mins read
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए लेफ्टिनेंट जनरल चंदपुरिया ने जीवन भर सीखते रहने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि, “विकास हमेशा कंफर्ट जोन के बाहर ही होता है।”
नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अमृतसर (IIM Amritsar) ने हाइब्रिड उद्घाटन समारोह के माध्यम से अपने एग्जिक्यूटिव मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (EMBA-06) प्रोग्राम के छठे बैच की शुरुआत की है। 2 वर्षीय ईएमबीए कोर्स अलग-अलग इंडस्ट्रीज में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें हाइब्रिड लाइव सेशन और दो इमर्सिव कैंपस विजिट शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह में आर्मी वॉर कॉलेज के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अजय चंदपुरिया (AVSM, VSM) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में नए एग्जिक्यूटिव एमबीए बैच के छात्रों, फैकल्टी सदस्यों, एकेडमिक एसोसिएट्स, पूर्व छात्रों (Alumni) और इंस्टीट्यूट के प्रोग्राम आउटरीच पार्टनर ‘टाइम्सप्रो’ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
लेफ्टिनेंट जनरल चंदपुरिया ने अपने संबोधन में जीवन भर सीखते रहने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि, “विकास हमेशा कंफर्ट जोन के बाहर ही होता है।”
उन्होंने लीडरशिप और पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में बात करते हुए कहा, हर सार्थक उपलब्धि की शुरुआत एक विजन से होती है। अजय चंदपुरिया ने प्रतिभागियों को बड़े सपने देखने, ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने और अपनी आकांक्षाओं को हकीकत में बदलने के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के लिए प्रोत्साहित किया।
एग्जिक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम की चेयरपर्सन प्रो वर्तिका दत्ता ने प्रतिभागियों को भरोसा दिलाया कि खुद को बेहतर बनाने का फैसला शायद ही कभी गलत होता है। उन्होंने बताया कि जब 5 साल पहले ईएमबीए का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया था, तो इसे कामकाजी पेशेवरों की व्यावहारिक जरूरतों और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया था।
उद्घाटन समारोह में प्रो सुजीत रघुनाथराव जगदाले (डीन - एकेडमिक्स एंड प्रोग्राम्स) ने ऑस्ट्रियाई मनोचिकित्सक विक्टर फ्रैंकल और उनकी किताब ‘मैन'स सर्च फॉर मीनिंग’ से प्रेरणा लेते हुए, जीवन के मकसद को खोजने के महत्व पर जोर दिया।
प्रो गुरबीर सिंह (डीन - अनुसंधान एवं रणनीतिक पहल) ने अगले दो वर्षों के दौरान प्रतिभागियों की बढ़ती जिम्मेदारियों पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि इस दौरान प्रतिभागियों को अपनी पेशेवर, व्यक्तिगत और शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।
आईआईएम अमृतसर के डायरेक्टर प्रो समीर कुमार श्रीवास्तव ने एकेडमिक एक्सीलेंस, इनोवेशन, इंडस्ट्री से जुड़ाव और जिम्मेदार लीडरशिप के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। प्रतिभागियों को एग्जिक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम के तहत मिलने वाले लर्निंग इकोसिस्टम, फैकल्टी और साथियों के साथ मिलकर काम करने के मौकों का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित भी किया।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम