दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर जमकर लाठिया भांजी। इस दौरान बड़ी संख्या मे छात्र प्रदर्शनकारी घायल हुए। अब इस मामले की सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा, हमें अपने छात्रों को सिर्फ नाराजगी ही नहीं, बल्कि जवाब, सुधार और जवाबदेही भी देनी है। हमारी सरकार ठीक यही करने के लिए प्रतिबद्ध है।
ओम बिरला ने नारेबाजी कर रहे विपक्षी दलों के सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ''प्रश्नकाल चलाने में सहयोग करें। प्रश्नकाल के बाद उचित नियम प्रकियाओं के तहत सभी मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर दिया जाएगा।''
मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा, ''अदालत को इन सब मामलों में नहीं घसीटें।'' पीठ ने कहा कि मामले को बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
पुलिस बयान में कहा गया है कि इस स्थान से, प्रमुख आरोपी मनजीत सिंह और दीपक ने वायरलेस उपकरणों के माध्यम से परीक्षा हॉल में बैठे कई उम्मीदवारों को रियल-टाइम में उत्तर बताए। पुलिस जांच में अब तक न तो पेपर लीक होने का पता चला है और न ही इसमें अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है।
जीकप काउंसलिंग प्रोसेस में रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट और रिपोर्टिंग जैसे चरण शामिल हैं। राउंड 3 में मिली सीट को छोड़ने की आखिरी तारीख 25 जुलाई है।
श्रुति एक होनहार छात्रा थी और उसने परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की थी, लेकिन नीट में आवश्यक अर्हता अंक न मिलने से वह परेशान थी और इसी से क्षुब्ध होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।
एजेंसी ने चेतावनी दी कि फर्जी दस्तावेज या छेड़छाड़ की गई ओएमआर शीट पेश करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ उम्मीदवारी रद्द करने, परीक्षा से प्रतिबंधित करने सहित आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की मांगों में सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी नीट 2026 उम्मीदवारों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा देना शामिल है।