Saurabh Pandey | November 11, 2025 | 04:34 PM IST | 2 mins read
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने इस पहल पर अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि ये दोनों परियोजनाएं इलेक्ट्रिक वाहनों और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में स्वदेशी प्रतिभाओं को पोषित करके हमारे राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

नई दिल्ली : जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के अंतर्गत, परिसर में दो अत्याधुनिक सुविधाओं यानी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक रिसर्च लैब और एक साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग लैब की स्थापना के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार से 14.8 करोड़ का अनुदान प्राप्त हुआ है।
विश्वविद्यालय को मिले कुल अनुदान में से 9.05 करोड़ इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रिसर्च लैब की स्थापना के लिए स्वीकृत किए गए हैं, जिसके प्रमुख अन्वेषक (पीआई) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रो. एहतेशामुल हक हैं। शेष 5.75 करोड़ साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग लैब की स्थापना के लिए स्वीकृत किए गए हैं, जिसके प्रमुख अन्वेषक एफटीके-सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र (सीआईटी), जामिया मिल्लिया इस्लामिया के निदेशक डॉ. शाने काज़िम नकवी हैं।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने इस पहल पर अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि ये दोनों परियोजनाएं इलेक्ट्रिक वाहनों और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में स्वदेशी प्रतिभाओं को पोषित करके हमारे राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
ये जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों और प्रोफेशनल्स को अत्याधुनिक तकनीकों का बहुमूल्य अनुभव प्रदान करेंगी, जिससे विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर इन दोनों क्षेत्रों में प्रभावी योगदान दे सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि हम जामिया मिल्लिया इस्लामिया को यह महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि प्राप्त अनुदान से दो नए और एडवांस्ड प्रयोगशालाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक रिसर्चलैब और साइबर सुरक्षा परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि यह इन दो प्रमुख क्षेत्रों में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने के लिए सीखने, सहयोग, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों के उपयोग के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करेगा।
प्रो. रिज़वी ने प्रो. एहतेशामुल हक और डॉ. शाने के. नकवी को इन प्रतिष्ठित परियोजनाओं को प्राप्त करने में उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी।
रिसर्च लैब ईवी परियोजना के पीआई प्रो. एहतेशामुल हक ने परियोजना के लक्ष्यों के बारे में कहा कि इस परियोजना के तीन मुख्य उद्देश्य हैं- मौलिक अनुसंधान में योगदान देने के लिए ईवी के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधा को बढ़ाना, छात्रों में अनुसंधान एवं विकास कौशल विकसित करने की क्षमता के साथ जेएमआई परिसर में ईवी का एक कार्यशील चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना और नीति आयोग की 2030 नीति के अनुसार देश के आवश्यक कार्यबल की पूर्ति के लिए इस क्षेत्र में ट्रेनिंग के लिए एक स्किल सेंटर स्थापित करना।
एडेको इंडिया के निदेशक एवं प्रमुख (जनरल स्टाफिंग) दीपेश गुप्ता ने कहा, ‘‘इस वर्ष भारत में त्योहारों के दौरान भर्ती आर्थिक विश्वास और ‘गिग’ अर्थव्यवस्था की परिपक्वता को दर्शाती है।
Abhay Pratap Singh