Santosh Kumar | February 3, 2026 | 07:09 PM IST | 2 mins read
वाइस चांसलर योगेश सिंह ने बताया कि डीयू में जितने भी निर्माण व नवीनीकरण के कार्य चल रहे हैं वह सभी 2027 तक पूर्ण हो जाएंगे।

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में "वंदे मातरम हॉल" का उद्घाटन आज डीयू के वाइस-चांसलर प्रो. योगेश सिंह ने किया। वाइस-चांसलर ने हॉल के एंट्रेंस पर वंदे मातरम के पूरे बोल वाली एक पट्टिका का भी अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वंदे मातरम हॉल आने वाले कई सालों तक प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। वाइस-चांसलर ने आगे कहा कि देश ने जितने भी संकट झेले हैं, वंदे मातरम हर बार भारत के साथ खड़ा रहा है।
देश वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह मना रहा है। उन्होंने कहा कि 1948 से 2005 तक इस हॉल में कई दीक्षांत समारोह हुए हैं। जब भी दिल्ली यूनिवर्सिटी का इतिहास लिखा जाएगा, तो इस हॉल का इतिहास भी उसमें शामिल होगा।
कुलपति ने कहा कि जब उन्होंने 2021 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में पद संभाला, तो उन्हें शंकर लाल हॉल, टैगोर हॉल और कन्वोकेशन हॉल देखने का मौका मिला। ये हॉल बहुत खराब हालत में थे। हमने इन्हें रेनोवेट करने का फैसला किया।
कुलपति ने बताया कि डीयू में जितने भी निर्माण व नवीनीकरण के कार्य चल रहे हैं वह सभी 2027 तक पूर्ण हो जाएंगे। इस अवसर पर कई डीन, डायरेक्टर, कई कॉलेजों के प्रिंसिपल, शिक्षक, अधिकारी और अनेकों विद्यार्थी उपस्थित रहे।
इस हॉल की नींव 1948 में रखी गई थी, और 2005 तक डीयू के सभी कन्वोकेशन यहीं होते रहे। अब, 2026 में रेनोवेशन के बाद, इसका नाम बदलकर "वंदे मातरम हॉल" कर दिया गया है। इसे लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
हॉल की संरचना को मजबूत कर इसमें नया फर्नीचर लगाया गया है, जिससे इसकी बैठने की क्षमता बढ़कर 688 लोगों की हो गई है। हॉल में नए इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी लगाए गए हैं, जिसमें एयर कंडीशनिंग और आधुनिक ऑडियो सिस्टम शामिल है।
यह ध्यान देने वाली बात है कि 12 दिसंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने आर्ट्स फैकल्टी में कन्वोकेशन हॉल का नाम बदलकर, उसके रेनोवेशन के बाद "वंदे मातरम हॉल" रखने को मंज़ूरी दी थी।
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