Santosh Kumar | February 11, 2026 | 02:22 PM IST | 2 mins read
मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार ने लगभग 41,000 लाभार्थी लड़कियों का पता लगाया है, जिन्हें हम 100 करोड़ रुपये वितरित करने की योजना बना रहे हैं।"

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार 2008 की लाडली योजना के स्थान पर अप्रैल में 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' शुरू करेगी। सीएम ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2008 में शुरू की गई मौजूदा 'दिल्ली लाडली योजना' का उन्नत संस्करण होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "हम एक अप्रैल को उन्नत योजना शुरू करेंगे और पुरानी लाडली योजना को बंद कर देंगे।"
सरकार प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 56,000 रुपये की सहायता देगी और यह राशि शिक्षा और आयु से जुड़े विभिन्न चरणों के अनुसार किस्तों में दी जाएगी, यह जन्म से शुरू होगी और स्नातक या डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई तक जारी रहेगी।
सीएम ने कहा कि संरचित वित्तीय साधन के माध्यम से निवेश की गई संचित राशि समय के साथ बढ़ेगी और परिपक्वता पर लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे जारी कर दी जाएगी। स्कीम के लिए डिजिटल पोर्टल विकसित किया जाएगा।
रेखा गुप्ता ने कहा कि उन्नत योजना को लागू करने की वित्तीय लागत लगभग 160 करोड़ रुपये होगी और प्रति परिवार 2 लड़कियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "इस योजना के लिए धनराशि बैंकों में...अप्रयुक्त पड़ी हुई है।"
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने लगभग 41,000 लाभार्थी लड़कियों का पता लगाया है, जिन्हें हम 100 करोड़ रुपये वितरित करने की योजना बना रहे हैं।" उन्होंने कहा, "धन की कमी के कारण कोई भी लड़की शिक्षा नहीं छोड़ेगी।"
सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार ने यह पाया कि लाडली योजना के 1.86 लाख से अधिक परिपक्व खाते बिना दावे के पड़े हुए थे, जिसका मतलब है कि हमारी बेटियों के लिए निर्धारित राशि समय पर उन तक नहीं पहुंच पाई।"
सीएम ने कहा, "लाडली स्कीम अब "लखपति बिटिया योजना" के नाम से जानी जाएगी। स्कीम दिल्ली में जन्मी उन लड़कियों पर लागू होगी जिनके परिवार 3 वर्षों से शहर में रह रहे हों। जिनकी सालाना पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो।