UP School News: यूपी के जूनियर हाईस्कूलों में छात्र करेंगे आईटी की पढ़ाई, एससीईआरटी ने पाठ्यक्रम किया तैयार
Abhay Pratap Singh | August 23, 2025 | 06:57 PM IST | 2 mins read
इस पहल के तहत कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को एआई कोडिंग, डिजिटल साक्षरता और कंप्यूटिंग थिंकिंग जैसी आधुनिक विषयों की शिक्षा दी जाएगी।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (UP) के सरकारी जूनियर हाईस्कूलों में अब आईटी की भी पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने पाठ्यक्रम भी तैयार कर लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश ने कहा कि यह कदम बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ते हुए भविष्य के लिए और अधिक सक्षम बनाएगा।
इस पहल के तहत कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को एआई कोडिंग, डिजिटल साक्षरता और कंप्यूटिंग थिंकिंग जैसी आधुनिक विषयों की शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही, एससीईआरटी प्रत्येक जिले से 10 विज्ञान शिक्षकों को आईआईटी कानपुर में तीन महीने की विशेष प्रशिक्षण सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।
जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए आईटी और संबंधित क्षेत्रों में रुचि रखने वाले प्रदेशभर के 750 शिक्षकों का चयन कर किया जाएगा। आईआईटी कानपुर द्वारा शिक्षकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से यह सिखाएगा कि किस तरह आईटी को बच्चों के लिए रोचक तरीके से पढ़ाया जाए।
Also read ‘स्कूल में बच्चे पर धौंस जमाने से उसकी शिक्षा पर पड़ सकता है बुरा प्रभाव’ - अध्ययन
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक पवन कुमार सचान ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जहां शिक्षकों को आईआईटी में ट्रेनिंग दिलाकर आईटी और कम्प्यूटरोनिक्स कोर्स के तहत बच्चों को एआई कोडिंग और डिजिटल लिट्रेसी जैसी आधुनिक शिक्षा रोचक तरीके से दी जाएगी।
पवन कुमार सचान ने आगे कहा, वर्ष 2023-24 में आईटी की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के विज्ञान के विषय में पांच से छह चैप्टर कंप्यूटर साइंस के जोड़े गए। इसके तहत प्रत्येक डायट के तीन प्रवक्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद हर जूनियर हाईस्कूल में आईटी की व्यवस्थित शिक्षा शुरू करने का हमारा लक्ष्य अभी पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
IT Education in UP Schools: आईटी कोर्स के मुख्य विषय
आईआईटी कानपुर में शिक्षकों को, बच्चों को आईटी की पढ़ाई रोचक और प्रभावी ढंग से सिखाने के लिए निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- कंप्यूटर के मूल सिद्धांत
- ऑपरेटिंग सिस्टम
- हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर
- स्क्रैच यथा ब्लॉक- आधारित कोडिंग, और पाइथन,
- जावास्क्रिप्ट आदि भाषाएं
- एनिमेशन, गेम डिजाइन व वेब पेज बनाना
- डेटा-विश्लेषण
- एमएस ऑफिस टूल्स
- कोडिंग या प्रोग्रामिंग
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- दिल्ली का भलस्वा स्लम: आधार कार्ड और गंदगी से गुम हुई शिक्षा
- Nobel Prize in Economics 2025: जोएल मोकिर, फिलिप एगियन और पीटर हॉविट को मिलेगा अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार
- भारत में 33 लाख से अधिक छात्र एकल-शिक्षक स्कूलों पर निर्भर, उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक नामांकन
- Nobel Peace Prize 2025: वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो को मिलेगा नोबेल शांति पुरस्कार, 10 दिसंबर को समारोह
- Nobel Prize in Chemistry 2025: सुसुमु कितागावा, रिचर्ड रॉबसन, उमर एम याघी को मिलेगा केमिस्ट्री का नोबेल प्राइज
- Nobel Prize in Physics 2025: जॉन क्लार्क, माइकल एच डेवोरेट और जॉन एम मार्टिनिस को मिला भौतिकी का नोबेल प्राइज
- CAT 2025: कैट परीक्षा 30 नवंबर को 3 पाली में; 2 महीने में कैसे करें तैयारी? जानें एग्जाम पैटर्न, चयन प्रक्रिया
- UP News: यूपी में वजीफा से वंचित 5 लाख से अधिक छात्रों को दिवाली से पहले मिलेगी छात्रवृत्ति, सीएम योगी ने कहा
- NIRF Ranking 2025: यूनिवर्सिटी श्रेणी में डीयू 5वें स्थान पर, टॉप 20 में दिल्ली विश्वविद्यालय के 10 कॉलेज
- NIRF MBA Ranking 2025: आईआईएम अहमदाबाद शीर्ष पर बरकरार, आईआईएम लखनऊ की टॉप 5 में वापसी, देखें लिस्ट