UKSSSC Paper Leak 2025: यूकेएसएसएससी ने पेपर लीक के चलते 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा की रद्द

Abhay Pratap Singh | October 12, 2025 | 05:24 PM IST | 2 mins read

न्यायिक पैनल द्वारा प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट में हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होने की पुष्टि के बाद यह फैसला लिया गया।

यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय 2025 भर्ती परीक्षा अब तीन महीने के भीतर दोबारा होगी। (प्रतीकात्मक-फ्रीपिक)

नई दिल्ली: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने पेपर लीक की घटना के बाद 21 सितंबर, 2025 को आयोजित स्नातक स्तरीय (पटवारी/लेखपाल एवं अन्य) लिखित प्रतियोगी परीक्षा 2025 रद्द कर दी है। आयोग ने बताया कि पुनः परीक्षा तीन माह के भीतर आयोजित की जाएगी, जिसकी तिथि जल्द आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर घोषित की जाएगी।

नोटिस में कहा गया कि, “21 सितंबर को परीक्षा समाप्त होने के बाद लगभग 1:30 बजे सोशल मीडिया पर कुछ प्रश्नों के स्क्रीन शॉट वायरल हुए। सूचना मिलने पर आयोग ने एसएसपी देहरादून से मामले की शिकायत की, जिसके बाद प्राथमिक जांच के आधार पर थाना रायपुर, देहरादून में 22.09.2025 को मामला पंजीकृत किया गया।”

आयोग ने बताया कि, “सरकार द्वारा 27.09.2025 को प्रकरण की जांच के लिए पूर्व न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में जांच आयोग अधिनियम, 1952 के तहत एक न्यायिक जांच दल का गठन किया गया था।” यूकेएसएसएससी ने 11 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें राज्य की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और जनविश्वास बनाए रखने के महत्व पर बल दिया गया। जिसके बाद, तत्काल प्रभाव से परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।

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उत्तराखंड में पटवारी, लेखपाल और अन्य पदों सहित 416 रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय परीक्षा 2025 में एक लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के बढ़ते दबाव और देहरादून में आठ दिनों के विरोध प्रदर्शन के बीच यह फैसला लिया गया। इस दौरान धामी सरकार ने मामले की सीबीआई से जांच कराने का वादा किया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि, “UKSSSC द्वारा 21 सितंबर को आयोजित स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा को छात्रों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय जांच आयोग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि राज्य में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।”

आगे कहा, पुनः आयोजित होने वाली यह परीक्षा अन्य परीक्षाओं के कार्यक्रम पर कोई असर नहीं डालेगी। उत्तराखंड में हर छात्र के लिए निष्पक्ष अवसर और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। हमने नकल प्रकरण की जांच के लिए CBI की संस्तुति कर दी है, हमारी सरकार छात्रों के भविष्य और अभिभावकों के विश्वास के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने देगी।

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