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Rajasthan University: राजस्थान विवि के छात्रों ने की छात्र संघ चुनाव की मांग, प्रमुख नेताओं के कटआउट लगाए

Press Trust of India | July 10, 2025 | 09:42 AM IST | 2 mins read

छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार को मांग मान लेनी चाहिए।

राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। (स्त्रोत-आधिकारिक वेबसाइट)
राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। (स्त्रोत-आधिकारिक वेबसाइट)

जयपुर: राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया और इस दौरान छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले प्रमुख नेताओं के कटआउट लगाए गए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य नेताओं के कटआउट लगाए गए। छात्रसंघ चुनाव के लिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने कहा कि सरकार को छात्र संघ चुनाव बहाल करने चाहिए।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राज्य सरकार का दावा है कि छात्र संघ चुनाव कोई परिणाम नहीं दे रहे हैं। लेकिन आज हम छात्र संघ चुनावों से निकले उन नेताओं के कटआउट के साथ यहां खड़े हैं।’’ रेवाड़ ने कहा, ‘‘इन नेताओं ने देश की दिशा और दशा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम मांग करते हैं कि सरकार इन पूर्व छात्र नेताओं से प्रेरणा लेते हुए चुनाव बहाल करे।’’

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार दोनों तक अपनी मांग पहुंचाने के उद्देश्य से यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। प्रदर्शन के दौरान अशोक गहलोत, गजेंद्र शेखावत, हनुमान बेनीवाल, सतीश पूनिया, राजेंद्र राठौड, अशोक लाहोटी, हरीश चौधरी, राजपाल सिंह शेखावत, कालीचरण सराफ, रामलाल शर्मा, प्रताप सिंह खाचरियावास, रवींद्र सिंह भाटी और अन्य नेताओं के कटआउट प्रदर्शित किए गए।

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विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि सरकार को मांग मान लेनी चाहिए। उन्होंने बुधवार को राजस्थान में छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘छात्र संघ चुनाव युवाओं के लिए राजनीति की नींव का काम करते हैं। इसमें भाग लेने से न सिर्फ राजनीतिक समझ बढ़ती है बल्कि लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद मिलती है और इसका व्यक्तित्व निर्माण में भी योगदान होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका और सशक्त हो इसलिए स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने मतदान की उम्र को 18 वर्ष किया था ताकि युवाओं की लोकतंत्र में भागीदारी बढ़े। यह सर्वविदित है कि मैं छात्र संघ की राजनीति में सक्रिय रहा था, देश-प्रदेश के अनेक नेताओं चाहे वे किसी राजनीतिक दल के हों, ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र संघ की राजनीति से की थी।’’

गहलोत ने कहा, ‘‘राजस्थान में छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग काफी समय से प्रदेश के युवा कर रहे हैं लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार उन्हें निराश कर रही है। मैं समझता हूं कि चुनाव करवाने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। मैं पहले भी कई बार मांग कर चुका हूं और अब पुनः दोहराना चाहता हूं कि सरकार को अविलंब छात्रसंघ चुनाव को कराने के बारे में सकारात्मक फैसला करना चाहिए।’’

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