Press Trust of India | July 20, 2025 | 10:30 AM IST | 1 min read
अभिभावकों ने हाल में पारित ‘फीस नियमन अध्यादेश 2025’ का भी विरोध किया और इसे बिना सार्वजनिक विमर्श के लागू किया गया कानून बताया।

नई दिल्ली: निजी स्कूलों द्वारा कथित तौर पर मनमाने तरीके से की जा रही फीस वृद्धि के विरोध में सैकड़ों अभिभावकों ने शनिवार (19 जुलाई) को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन ‘यूनाइटेड पैरेंट्स वॉयस’ (यूपीवी) संगठन के बैनर तले किया गया।
अभिभावकों ने स्कूलों की वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बार-बार अपील करने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला, इसलिए सड़कों पर उतरना पड़ा।
बयान में कहा गया कि 30 जून को कुछ अभिभावकों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन तीन घंटे इंतजार के बाद भी सिर्फ संक्षिप्त मुलाकात हो सकी। उसके बाद आगे कोई जानकारी नहीं मिली।
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प्रदर्शकारी अभिभावकों ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें अस्वीकृत शुल्क वृद्धि, स्कूल निधि के कथित दुरुपयोग और छात्र अधिकारों के उल्लंघन पर चिंता दोहराई गई।
उन्होंने हाल में पारित ‘फीस नियमन अध्यादेश 2025’ का भी विरोध किया और इसे बिना सार्वजनिक विमर्श के लागू किया गया कानून बताया।