Maharashtra Hindi Row: सीएम ने कहा- मुद्दे का अध्ययन करने के लिए बनाई जाएगी समिति, छात्र हित में होगा फैसला

Press Trust of India | July 1, 2025 | 08:42 AM IST | 1 min read

सीएम देवेंद्र फडणवीस की महाराष्ट्र सरकार ने पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने के विरोध के बीच ‘त्रि-भाषा’ नीति पर जारी आदेश रद्द किया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्णय छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। (इमेज-एक्स/@CMOMaharashtra)

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 30 जून को कहा कि एक समिति यह तय करेगी कि राज्य के स्कूलों में कक्षा 1 से हिंदी सहित कोई तीसरी भाषा शुरू की जाए या नहीं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा, न कि किसी तरह के राजनीतिक दबाव में।

महाराष्ट्र सरकार ने पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने के विरोध के बीच ‘त्रि-भाषा’ नीति पर जारी आदेश रद्द किया है। सरकार ने कहा है कि नई समिति यह बताएगी कि पहली कक्षा या बाद में हिंदी या तीसरी भाषा पढ़ाई जा सकती है या नहीं।

फडणवीस ने कहा कि त्रिभाषा नीति पर आदेश वापस लेना अहं का विषय नहीं है। उन्होंने बताया कि यह नीति उद्धव ठाकरे सरकार के दौरान स्वीकार की गई जब उनके नेता ने पहली से 12वीं तक हिंदी अनिवार्य करने की सिफारिश की।

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मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसी निर्णय को उनके मंत्रिमंडल में भी मंजूरी दी गई थी। जैसी की उम्मीद थी, ठीक वैसे ही वह बाद में अपनी बात से पलट गए थे। उद्धव ठाकरे हिंदी भाषा के खिलाफ हैं। पलटूराम नाम उन पर खूब जंचता है।’’

उद्धव और राज ठाकरे के संभावित मेल-मिलाप पर फडणवीस ने कहा कि अगर दोनों साथ आते हैं तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि उद्धव ठाकरे अपना रुख स्पष्ट करें, और अगर दोनों फिर एक हों तो उन्हें आपत्ति नहीं है।

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