
कॉलेज के डीन डॉ. केके सहारे ने बताया कि आशंका है कि परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के कारण हिमांशु ने यह कदम उठाया होगा।
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क की शुरुआत वर्ष 2015 में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन हेतु एक पारदर्शी और विश्वसनीय प्रणाली के रूप में की गई थी।