Abhay Pratap Singh | November 9, 2025 | 10:38 AM IST | 2 mins read
आरबीएसई बोर्ड की दोनों परीक्षाएं संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित रहेंगी तथा अंतिम परिणाम में विद्यार्थियों के सर्वश्रेष्ठ अंकों को मान्य किया जाएगा।

नई दिल्ली: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा अगले शैक्षणिक सत्र से बोर्ड की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पुष्टि करते हुए कहा कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों के लिए अधिक अवसर, कम परीक्षा-दबाव तथा बेहतर परिणामों की दिशा में सार्थक कदम सिद्ध होगी।
मदन दिलावर ने बताया कि, सभी छात्रों के लिए प्रथम परीक्षा अनिवार्य होगी, जबकि उत्तीर्ण एवं पूरक विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में द्वितीय अवसर परीक्षा देकर अपने अंक सुधारने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे। दोनों परीक्षा संपूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित रहेंगी तथा अंतिम परिणाम में विद्यार्थियों के सर्वश्रेष्ठ अंकों को मान्य किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि, मुख्य परीक्षा फरवरी - मार्च में होगी। इसके परिणाम आने के बाद उसी सत्र में दूसरी परीक्षा मई - जून माह में आयोजित की जाएगी और इसे ही दूसरी परीक्षा माना जाएगा। मुख्य परीक्षा में अनुपस्थित विद्यार्थी मेडिकल सर्टिफिकेट/ जिला शिक्षा अधिकारी का प्रमाण पत्र दिखाकर दूसरी परीक्षा में बैठ सकते है।
राजस्थान बोर्ड द्वारा अगले सत्र से आयोजित की जाने वाली दोनों बोर्ड परीक्षाओं की फीस एक समान होगी। मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के तहत माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट में लिखा, “अगले शैक्षणिक सत्र से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं वर्ष में दो बार आयोजित की जाएंगी।” बता दें, इससे पहले, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साल में दो बार बोर्ड परीक्षा कराने का प्रावधान लागू किया है।
राजेंद्र सिंह नाम के एक्स यूजर ने कहा, “दो बार बोर्ड परीक्षा ये सुधार नहीं, भविष्य बर्बाद करने का शॉर्टकट है! दबाव कम होगा तो बच्चे पढ़ेंगे क्यों?”। वहीं, देव शर्मा ने कहा, “विद्यार्थी हित में लिया गया यह एक संवेदनशील एवं सराहनीय निर्णय है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहतर माहौल तैयार होगा।”