Press Trust of India | October 30, 2025 | 01:51 PM IST | 1 min read
आईआईटी छात्र स्पर्श अग्रवाल ने कहा कि लूना एआई आवाज (ऑडियो) को पाठ (टेक्स्ट) में बदलने के बजाय सीधे उसे मानव जैसी आवाज में बदलने के लिए प्रोसेस करता है।

नई दिल्ली: जयपुर के रहने वाले 25 वर्षीय आईआईटी छात्र स्पर्श अग्रवाल ने ‘लूना एआई’ मॉडल पेश किया है। उनका दावा है कि दुनिया में अपनी तरह का यह पहला ‘स्पीच-टू-स्पीच’ एआई मॉडल गा सकता है, फुसफुसा सकता है और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के साथ प्रतिक्रिया दे सकता है।
स्पर्श अग्रवाल ने इसे अपने स्टार्टअप ‘पिक्सा एआई’ के तहत पेश किया है। उन्होंने कहा कि लूना एआई आवाज (ऑडियो) को पाठ (टेक्स्ट) में बदलने के बजाय सीधे उसे मानव जैसी आवाज में बदलने के लिए प्रोसेस करता है।
आईआईटी छात्र ने कहा कि इस मॉडल की प्रणाली उसे फुसफुसाने, स्वर को नियंत्रित करने और यहां तक कि गाने की भी अनुमति देती है। यह ऐसा अनुभव प्रदान करता है जो कहीं अधिक मानवीय लगता है।
अग्रवाल ने कहा, “मैंने लूना को बनाने के लिए कई जगह से संसाधन जुटाए और यहां तक कि क्रेडिट कार्ड से कर्ज भी लिया। यह इस बात का प्रमाण है कि केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि कुशलता से भारत में विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी विकसित हो सकती है।”
इस परियोजना में उनके अन्य साथी नितीश कार्तिक, अपूर्व सिंह और प्रत्यूष कुमार हैं। कुणाल शाह, कुणाल कपूर और निखिल कामथ जैसे निवेशकों द्वारा समर्थित ‘पिक्सा एआई’ का लक्ष्य लूना को वैश्विक मनोरंजन, स्वास्थ्य और ऑटोमोटिव पारिस्थितिकी तंत्र के लिए "वॉयस लेयर" बनाना है।
अग्रवाल के मुताबिक इसे लेकर वाहन निर्माताओं, गेमिंग प्लेटफॉर्म और उपभोक्ता एआई कंपनियों की ओर से शुरुआती मांग सामने आई है। स्पर्श अग्रवाल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-बीएचयू से स्नातक किया है।